झारखंड में खिला कमल, जम्मू-कश्मीर में खंडित जनादेश

RSTV Bureau

mg7झारखंड और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के नतीजों की तस्वीर साफ है. झारखंड में भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल हुआ है वहीं जम्मू-कश्मीर में पीडीपी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है.

झारखंड में भाजपा गठबंधन को 43 सीटें मिली हैं. वहीं जम्मू-कश्मीर की जनता ने इस बार खंडित जनादेश दिया है. जम्मू-कश्मीर में मुफ्ती मोहम्मद सईद की पीडीपी 28 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है लेकिन बहुमत से आकड़े से वो दूर ही है.

झारखंड

झारखंड में भाजपा के विजय रथ ने आगे बढ़ते हुए सत्ताधारी झामुमो सरकार को पराजित किया है. वर्ष 2000 में झारखंड को नया राज्य बनाए जाने के बाद पहली बार किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला है. भाजपा गठबंधन ने यहां 43 सीटों पर जीत दर्ज की. झारखंड में झामुमो को 19 सीटें मिलीं हैं, जबकि कॉंग्रेंस दहाई का आंकड़ा छूने में भी असफल रही औऱ 6 सीटों पर ही सिमट गई. राज्य में झारखंड विकास मोर्चा को 8 सीटों पर जीत हासिल हुई है.

2009 के विधानसभा चुनाव में झामुमो को 18, भाजपा को 18 जबकि कॉंग्रेंस पार्टी को 14 सीटों पर जीत मिली थी. राज्य में झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) 11 सीटों के साथ चौथे स्थान पर रही थी.

झारखंड की जनता लगातार एक स्थिर सरकार के इंतजार में थी. 14 वर्षों में राज्य में नौ मुख्यमंत्री बने हैं जबकि यहां दो बार राष्ट्रपति शासन लगा है.

जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर के नतीजों में पीडीपी और भाजपा के बीच शुरुआती रुझानों में कड़ी टक्कर देखने को मिली. हालांकि बाद में पीडीपी राज्य के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. पीडीपी को 28 सीटें मिलीं हैं. भाजपा ने राज्य में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. यहां पार्टी को 25 सीटों पर जीत हासिल हुई है. हालांकि राज्य में भाजपा के मिशन 44+ को झटका जरूर लगा है. जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉंग्रेंस 15 सीटों और कॉंग्रेस 12 सीटों पर ही सिमट गई.

जम्मू-कश्मीर में सत्ता की कमान पीडीपी के हाथों में आ सकती है. पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि सरकार बनाने को लेकर पार्टी किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं है. सरकार वही होगी जो जम्मू-कश्मीर का विकास कर सके और सुशासन ला सके.

राज्य विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद पार्टी के दिल्ली मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन पर सभी विकल्प खुले होने की बात कही है.

उधर कॉंग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने भी सत्ता तक पहुंचने के लिए पीडीपी से हाथ मिलाने के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में सांप्रदायिक ताकतों के ख़िलाफ़ खड़े होने की आवश्यकता है. हालांकि सरकार के गठन पर सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते अंतिम फैसला पीडीपी को ही लेना है.