मांझी ‘पार्टी विरोधी’, जेडीयू से निकाले गए

RSTV Bureau
File Photo ( PTI )

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बिहार के मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी को सोमवार को जेडीयू से निकाल दिया गया. पार्टी अध्यक्ष शरद यादव ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित किया है. पार्टी महासचिव के सी त्यागी ने इस बात की जानकारी दी.

के सी त्यागी ने कहा कि अध्यक्ष के पास पार्टी की धारा 23 के तहत किसी को भी तत्काल प्रभाव से पार्टी से निकालने का अधिकार होता है और इसी का इस्तेमाल करते हुए मांझी को पार्टी से निकाला गया है.

जेडीयू महासचिव के सी त्यागी ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि मांझी की बगावत के पीछे बीजेपी की स्क्रिप्ट काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जो बीजेपी बिहार में मांझी के शासन को जंगलराज कहती थी वही आज मांझी के साथ खड़ी है.

जेडीयू नेता और राज्य सभा सांसद पवन वर्मा ने कहा कि हमारी पार्टी के पास पूरा बहुमत है और पार्टी का पास पर्याप्त विधायक हैं. उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार आज बिहार के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से मुलाकात कर बहुमत साबित करेंगे.

नीतीश कुमार कुमार पहले ही अपने समर्थन वाले विधायकों की सूचि राजभवन को सौंप चुके हैं। वर्मा ने कहा कि जेडीयू को आरजेडी, कांग्रेस और सीपीआई समेत कई निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है और पार्टी 117 का आंकड़ा आसानी से छू लेगी.

उधर जीतरराम मांझी ने कल दिल्ली में नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा था कि नीतिश उन्हें रबड़ स्टेंप के तरह इस्तेमाल करना चाहते थे लेकिन ये उनकी भूल थी. साथ ही मांझी ने कहा कि मांझी की नांव कभी नहीं डूबती.

बिहार के राजनीति में ये उठापटक का दौर है. विधानसभा स्पीकर ने पहले ही नीतीश कुमार को मांझी की जगह विधायक दल का नेता चुन लिया है. लेकिन बाबजूद इसके मांझी अपने कड़े रुख पर कायम थे.

मांझी लगातार बिहार की राजनीतिक में झाए हुए हैं. कभी उनके बयान तो कभी पार्टी के खिलाफ उनके बगावती तेवर से जेडीयू को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है.