सुपुर्द-ए-खाक हुए मुफ्ती मोहम्मद सईद; सात दिन का शोक

RSTV Bureau
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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को अनंतनाग जिले में उनके पैतृक गांव बिजबेहड़ा में गुरुवार देर शाम सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. इससे पहले उनके जनाजे में लोग भारी तादाद में उमड़े. मुफ्ती मोहम्मद सईद को आखिरी विदाई देने के लिए कश्मीर घाटी के अलग-अलग हिस्सों से उनके चाहने वाले पहुंचे. दिल्ली से उनका पार्थिव शरीर श्रीनगर लाए जाने के बाद अंतिम दर्शन के लिए उनके सरकारी आवास में रखा गया था. जम्मू-कश्मीर सरकार ने सात दिन के राजकीय शोक और गुरुवार को छुट्टी की घोषणा की.

मुफ्ती मोहम्मद सईद दिल्ली के एम्स में आईसीयू में भर्ती थे जहां गुरुवार सुबह उन्होंने करीब साढ़े सात बजे अंतिम सांस ली. 79 साल के मुफ्ती मोहम्मद सईद को 24 दिसंबर को घातक संक्रमण और निमोनिया से पीड़ित होने के चलते श्रीनगर से दिल्ली लाया गया था. इस दौरान उनके प्लेटलेट्स खतरनाक स्तर तक गिर गए थे. एम्स में पिछले कुछ दिनों से वो वेंटिलेटर पर थे.

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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने गहरा शोक जताया है. राष्ट्रपति ने अपने शोक संदेश में कहा कि “मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ है. श्री सईद कई वर्षों से एक सहयोगी थे. उन्होंने अपने राजनीतिक कौशल और नजरिए से खुद को प्रतिष्ठित किया. मुफ्ती मोहम्मद सईद ने ताउम्र जम्मू-कश्मीर के सामाजिक-राजनीतिक परिवर्तन और बेहतरी के लिए काम किया”. उपराष्ट्रपति ने अपने शोक संदेश में मुफ्ती मोहम्मद सईद को एक प्रख्यात राजनीतिज्ञ और ऐसा लोकप्रिय नेता बताया जिन्होंने राज्य की प्रगति और कल्याण के लिए अमूल्य योगदान दिया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद आम सहमति बनाने वाले नेता थे और राष्ट्रहित को हमेशा दूसरे विचारों से पहले रखते थे. प्रधानमंत्री ने संवेदना जाहिर करते हुए कहा कि ‘’मुफ्ती साहब के निधन से देश और जम्मू-कश्मीर में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है, जहां उनके अनुकरणीय नेतृत्व का लोगों के जीवन पर बहुत बड़ा असर था. हम सभी को उनकी कमी खलेगी’’. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन से जम्मू-कश्मीर समेत पूरे देश ने एक महान नेता खो दिया है.

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जम्मू-कश्मीर के बिजबेहड़ा में 12 जनवरी 1936 को पैदा हुए मुफ्ती मोहम्मद सईद 1962 में पहली बार राज्य विधानसभा के लिए चुने गए. कुछ सालों बाद वो कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए और 1987 तक इससे जुड़े रहे। 1987 में जन मोर्चा में शामिल होने के बाद वो 1989 से 1990 तक वी पी सिंह की सरकार में केंद्रीय गृह मंत्री रहे। मुफ्ती मोहम्मद सईद 1991 में कांग्रेस में फिर शामिल हो गए। 1999 में कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी बनाई. मुफ्ती मोहम्मद सईद ने नवंबर 2002 और मार्च 2015 में दो बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

मुफ्ती मोहम्मद सईद ने पिछले साल एक मार्च को पीडीपी-बीजेपी गठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यभार संभाला था. 87 सदस्यीय जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पीडीपी ने 28 और बीजेपी ने 25 सीटें जीती थीं. जबकि विपक्षी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 15 और कांग्रेस को 12 सीटों पर जीत मिली थी. मुफ्ती मोहम्मद सईद के परिवार में उनकी पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा है. मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद पीडीपी ने उनकी बेटी महबूबा मुफ्ती का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया है. पीडीपी ने प्रदेश के राज्यपाल एनएन वोहरा को इस बारे में समर्थन पत्र गुरुवार दोपहर सौंप दिया.