उत्तर कोरिया ने किया हाइड्रोजन बम परीक्षण, दुनिया भर में निंदा

RSTV Bureau
North Korea hydrogen bomb

Photo – AP/PTI

उत्तर कोरिया के पहले हाइड्रोजन बम परीक्षण के दावे के बाद दुनिया के अनेक देशों ने उसकी कड़ी निंदा की है. पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया और जापान के अलावा अमेरिका, फ्रांस समेत कई पश्चिमी देशों ने इसे उकसावे वाले कदम बताया. उन्होंने इसका सख्त जवाब देने की चेतावनी दी है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी इस परीक्षण को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन बताया है.

ब्रिटेन के विदेश मंत्री फिलिप हेमंड ने कहा कि ब्रिटेन और चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बाकी सदस्य देशों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका कड़ा जवाब देने को तैयार हैं. फिलिप हेमंड अभी चीन के दौरे पर हैं. चीन ने भी उत्तर कोरिया के परीक्षण की निंदा की है. उसने कहा कि इससे उत्तर-पूर्व एशिया की स्थिरता को खतरा पहुंचेगा. भारत ने इस परीक्षण पर गहरी चिंता जताई है. भारत सरकार ने उत्तर कोरिया से अपील की है कि वो ऐसा काम न करे जिससे क्षेत्रीय शांति को खतरा पैदा हो.

अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग ने बुधवार सुबह उत्तर कोरिया में 5.1 तीव्रता के भूकंप की जानकारी दी. इसके मुताबिक भूकंप का केंद्र उत्तर कोरिया के उत्तर-पूर्व में था जो किलजू शहर के उत्तर-पश्चिम में करीब 50 किलोमीटर दूरी पर है. इसके थोड़ी ही देर बाद उत्तर कोरिया के सरकारी टीवी चैनल ने ऐलान किया कि सुबह 10 बजे हाइड्रोजन बम का कामयाब परीक्षण किया गया है. प्रसारण में कहा गया कि “इस ऐतिहासिक हाइड्रोजन बम के परीक्षण में पूरी सफलता हासिल करने के साथ ही हम उन्नत परमाणु क्षमता वाले देशों की सूची में पहुंच गए हैं।”

हाइड्रोजन या थर्मोन्यूक्लियर बम में चेन रिएक्शन के जरिए फ्यूजन होता है. ये परमाणु बम के मुकाबले कई गुना ज्यादा शक्तिशाली होता है. उत्तर कोरिया 2006, 2009 और 2013 में परमाणु बम का परीक्षण कर चुका है. हालांकि उत्तर कोरिया पर सख्त अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगे हुए हैं लेकिन उसने अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करने से बार-बार इनकार किया है.

उत्तर कोरिया ने हाइड्रोजन बम का ये एतिहासिक परीक्षण अपने शासक किम जोंग उन के जन्मदिन के दो दिन पहले किया है. 32 साल के किम जोंग उन को अपने पिता किम जोंग इल की तरह उत्तर कोरिया का क्रूर तानाशाह माना जाता है. स्विट्जरलैंड में पढ़े किम जोंग उन ने पिता की मौत के बाद दिसंबर, 2011 में उत्तर कोरिया की सत्ता संभाली.