दिल्ली में सम-विषम योजना लागू, केजरीवाल ने बताया सफल

RSTV Bureau

oddevenstarts1राजधानी में प्रदूषण पर काबू पाने की मुहिम में दिल्लीवाले पूरा साथ दे रहे हैं। लोगों ने नए साल से सम-विषम योजना का पालन शुरू कर दिया है। इस योजना की शुरुआत शुक्रवार सुबह आठ बजे से हो गई। फॉर्मूले के मुताबिक एक तारीख होने के नाते सिर्फ विषम संख्या वाले वाहन यानी जिनके नंबरप्लेट के अंत में 1,3,5,7,9 नंबर है वही सड़कों पर चल रहे हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस योजना के सफल संचालन से बेहद खुश हैं। केजरीवाल का कहना है कि शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक दिल्लीवाले इसे खुले मन से अपना रहे हैं और लोगों ने असंभव को संभव कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार की ये महत्वाकांक्षी योजना आंदोलन में तब्दील हो गई है।

अरविंद केजरीवाल की कार का नंबर सम है इसलिए वो स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और परिवहन मंत्री गोपाल राय के साथ कार पूलिंग कर शुक्रवार सुबह अपने कार्यालय पहुंचे। जबकि दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा बाइक पर सवार होकर घर से निकले। सम-विषम योजना की निगरानी के लिए दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस की 200 से ज्यादा टीमें तैनात की गयी हैं। डीटीसी और मेट्रो की टीमों के अलावा 40 एसडीएम भी इस योजना की निगरानी में लगे हैं। दिल्ली पुलिस के आयुक्त बी एस बस्सी ने भी योजना के कार्यान्वयन में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है।

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New Delhi : Volunteers with traffic police explaining the rules to an even number car owner near the Nizamuddin Bridge as Odd-even scheme restricting movement of private cars, becomes operational in New Delhi on Friday, January 1, 2016. Photo – PTI

एक जनवरी को लागू होने से पहले इस योजना का गुरुवार को राजधानी में 200 मुख्य जगहों पर परीक्षण किया गया था। ये योजना प्रायोगिक तौर पर एक जनवरी से पंद्रह जनवरी तक लागू रहेगी। 31 दिसंबर को परीक्षण के दौरान नियम तोड़ने पर जुर्माने का प्रावधान नहीं था लेकिन एक जनवरी से नियम का उल्लंघन करने वाले को दो हजार रुपए का जुर्माना देना पड़ रहा है।

इस नियम में सम और विषम नंबरप्लेट वाले वाहनों को एक-एक दिन छोड़कर चलाने की योजना है। ये नियम सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक लागू होगा। जबकि रविवार को ये लागू नहीं होगा। एनसीआर और दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाली सभी निजी कारों पर भी सम-विषम फॉर्मूला लागू है। अकेली महिला या 12 साल की उम्र तक के बच्चों के साथ जा रही किसी महिला की कार को इस योजना से छूट दी गई है। वहीं चिकित्सीय आपात स्थितियों के मामलों को विश्वास के आधार पर देखा जा रहा है। नियम से छूट पाने वाले वाहनों में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के प्रधान न्यायाधीश, केंद्रीय मंत्री और दिल्ली के अलावा बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के वाहन शामिल हैं। सीएनजी, इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों समेत दोपहिया वाहन इस योजना में शामिल नहीं किए गए हैं। साथ ही आपात स्थिति में काम आने वाले वाहनों और प्रवर्तन से जुड़े वाहनों को भी इस नियम के दायरे से बाहर रखा गया है।