पठानकोट आतंकी हमला; अभियान का तीसरा दिन

RSTV Bureau
Photo – PTI

Photo – PTI

पठानकोट वायु सेना अड्डे पर आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान अब भी जारी है. इस बीच सुरक्षाबलों को पांचवें आतंकी को मार गिराने में कामयाबी मिली. एनएसजी के मुताबिक सेना, वायु सेना और उसकी टीम के संयुक्त अभियान में पांचवें आतंकी को ढेर कर दिया गया.

इससे पहले प्रधानमंत्री आवास पर सोमवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने उन्हें पठानकोट वायु सेना अड्डे में जारी अभियान के बारे में पूरी जानकारी दी. वित्त मंत्री अरुण जेटली और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी इस बैठक में शामिल हुए. सोमवार दोपहर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनएसजी ने कुल चार आतंकियों के मारे जाने की बात कही थी. एनएसजी के मुताबिक अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक वायु सेना अड्डे से पूरी तरह आतंकियों के खात्मे की पुष्टि नहीं हो जाती.

pathankot-mapशनिवार तड़के साढ़े तीन बजे सेना की वर्दी पहने करीब छह आतंकी जंगल से सटी वायु सेना अड्डे की पिछली दीवार फांदकर घुसे और गोलियां बरसानी शुरू कर दी. भारी मात्रा में आरडीएक्स लिए आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच करीब पांच घंटे तक चली शुरुआती मुठभेड़ में चार आतंकी मारे गए. इस आतंकी हमले में एनएसजी के लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन कुमार समेत कुल सात सुरक्षाकर्मी शहीद हुए जबकि 17 जवान जख्मी हुए हैं. हमले के दूसरे दिन रविवार को भी देर रात तक गोलीबारी होती रही. भारत-पाकिस्तान सीमा से करीब 35 किलोमीटर दूर पठानकोट वायु सेना स्टेशन मिग-21 लड़ाकू विमानों और एमआई-25 लड़ाकू हेलीकॉप्टरों का ठिकाना है. हमले में वायु सेना के किसी विमान को नुकसान नहीं पहुंचा है. सुरक्षाबलों ने आतंकियों को एयरबेस के घरेलू क्षेत्र में ही रोक दिया था जिससे वो तकनीकी क्षेत्र तक नहीं पहुंच सके. तकनीकी क्षेत्र वायु सेना अड्डे का सबसे संवदेनशील इलाका होता है.

New Delhi: External Affairs Minister Sushma Swaraj and MoS V K Singh in a meeting with former ambassadors to Pakistan and foreign secretaries in New Delhi on Sunday, January 3, 2015. Photo - PTI

Photo – PTI

इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है. केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने भी फिलहाल किसी का नाम लेने से इनकार किया है. गृह सचिव ने रविवार को ये जरूर कहा कि ऐसे हमलों के पीछे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए मोहम्मद का हाथ रहा है. उन्होंने ये भी जानकारी दी कि पिछले साल अगस्त से लेकर अभी तक 40 आतंकी मारे गए हैं.

विदेश मंत्रालय भी इस पूरे मामले में आगे की रणनीति बना रहा है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को पूर्व विदेश सचिवों और पाकिस्तान में भारत के पूर्व उच्चायुक्तों की बैठक बुलाई। इस बैठक में 15 जनवरी को इस्लामाबाद में होने वाली विदेश सचिव स्तर की वार्ता पर भी चर्चा हुई। उधर, पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने इस्लामाबाद में कहा कि इस वार्ता के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं हुआ है.