ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी फिलिप ह्यूज की मौत, क्रिकेट जगत में शोक

RSTV Bureau

phillip_hughesऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज फिलिप ह्यूज की गुरुवार सुबह सिडनी के एक अस्पताल में मौत हो गई. 25 वर्षीय ह्यूज मंगलवार को एक घरेलू मैच के दौरान तेज गेंदबाज शॉन एबट की गेंद से घायल हो गए थे, जिसके बाद से वे लगातार कोमा में थे.

ऑस्ट्रेलियाई टीम के डॉक्टर पीटर बुकनर ने ह्यूज की मौत की खबर देते हुए कहा मुझे ये बताते हुए दुख हो रहा है कि फिलिप ह्यूज नहीं रहे. बुकनर के मुताबिक बाउंसर से घायल होने के बाद से ह्यूज कोमा में चले गए थे जिसके बाद उन्हें कभी होश नहीं आया.

ह्यूज की मौत के बाद क्रिकेट जगत ने उनके और उनके परिवार के लिए अपनी संवेदना व्यक्त की. पूर्व क्रिकेटर और राज्य सभा सांसद सचिन तेंदुलकर ने ह्यूज की मौत पर शोक जताते हुए माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा ‘क्रिकेट के लिए आज बहुत बुरा दिन है, मैं ह्यूज के परिवार के प्रति अपनी संवेदन व्यक्त करता हूं’.

भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा ने ट्विटर पर लिखा कि आज क्रिकेट जगत के लिए सबसे दुखद दिन है. ह्यूज को श्रद्धांजलि देने के साथ रोहित ने गेंदबाज शॉन एबट के लिए भी मजबूती से स्थिति का सामना करने की दुआ की.

क्रिकेटर सुरेश रैना ह्यूज को याद करते हुए कहा कि आज क्रिकेट के लिए सबसे बुरा दिन है. रैना ने ट्विटर पर लिखा ‘मैं ह्यूज की मौत की ख़बर सुनकर दुखी और सदमे में हूं, तुम हमारे दिलों में हमेशा जीवंत रहोगे’.

श्रीलंका क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा ने ट्विटर शोक जताते हुए लिखा ‘भले ही तुम्हारा जिंदगी छोटी क्यों न हो लेकिन फिर भी तुम बहुत लोगों के लिए प्रेरणाश्रोत हो. हम सब तुम्हें बहुत याद करेंगे.

ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज शेन वार्न ने भी ह्यूज की मौत पर शोक जताया. वार्न ने ट्विटर पर लिखा ‘ बहुत बड़ी दुर्घटना है कि ह्यूज हमारे बीच नही रहे. वो एक होनहार और प्रतिभाशाली खिलाड़ी था’.

वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल ने ह्यूज की मौत पर ट्विटर के जरिए अपनी संवेजना जताई. उन्होंने लिखा ‘आज सुबह बेहद दुखद खबर सुनने को मिली, मैं उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना जताता हूं’.

फिलिप ह्यूज की मौत के बाद क्रिकेट में खिलाड़ियों की सुरक्षा पर एक बार फिर से बहस शुरू हो गई है. ह्यूज से पहले साल 1998 में भारतीय क्रिकेटर रमन लांबा की मौत भी क्रिकेट के मैदान पर हुई थी. उस वक्त लांबा की उम्र 38 साल थी. बांग्लादेशी बल्लेबाज के बल्ले से निकला शॉट लांबा की कनपटी पर जा लगा, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी.

वेस्टइंडीज दौर के वक्त साल 1961-62 में पूर्व भारतीय खिलाड़ी नरी कॉट्रेक्टर भी सिर में गेंद लगने से गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे. जिसके बाद से वो दोबारा कभी क्रिकेट मैदान पर खेलने नहीं उतरे.

पूर्व दक्षिण अफ्रीकी विकेटकीपर-बल्बेबाज मार्क बाउचर को मैच के दौरान आंख पर गंभीर चोट लगी थी. मार्क की बाईं आंख में विकेट की गिल्ली लगने से उनकी आंख का लेंस, आइरिस और प्यूपिल चोटिल हो गए थे.

फिलिप ह्यूज की मौत क्रिकेट जगत के लिए बड़ी त्रासदी है. तमाम अत्याधुनिक खेल उपकरणों और तकनीक के बाद भी अगर किसी खिलाड़ी को खेल की कीमत अपनी मौत से चुकानी पड़े तो ये वाकई खेल प्रशासकों और नीति निर्माताओं को सोचने पर मजबूर करता है.