मुझे 2024 तक कोई ख़तरा नहींः मोदी

RSTV Bureau

modi_childrenप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को शिक्षक दिवस के मौके पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बचपन में बचपने को जीना और उसका आनंद लेना चाहिए. बड़ेपन की गिरफ़्त में कमज़ोर और छोटा होता बचपन कोई स्वस्थ चीज़ नहीं है और इससे लाभ कम, नुकसान ज़्यादा हैं.

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बच्चों के साथ और भी कई बातें कीं और उनके सवालों के जवाब भी दिए. इस मौके पर देश के कई हिस्सों से स्कूल और विद्यार्थी प्रधानमंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण देख रहे थे और उनसे सीधा संवाद भी कर रहे थे. इस मौके पर उनके साथ मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी भी मौजूद थीं.

शिक्षा और शिक्षक के महत्व के बारे में छात्रों को बताते हुए पीएम ने कहा कि गूगल से जानकारी मिलती है, ज्ञान नहीं और शिक्षक के महत्व को समझे बिना परिवर्तन संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि हर सफल व्यक्ति के पीछे शिक्षक का हाथ होता है.

दुनिया में अच्छे शिक्षकों की कमी पर चिंता जताते हुए पीएम ने कहा कि इसके लिए बच्चों में अच्छे शिक्षक बनने का भाव जगाना काफी जरूरी है.

जीवन में खेल-कूद की उपयोगिता के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि टीवी, कम्प्यूटर, किताब के दायरे में जीवन दबाना नहीं चाहिए. खेलकूद के बिना जीवन खिलता नहीं है और इसके लिए हमें दिन मे कम से कम 4 बार पसीना बहाना चाहिए. लेह से छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए पीएम ने कहा कि मैं बचपन में शरारत करता था लेकिन आज बड़ी तेजी से बचपन को मरते देख बड़ी चिंता होती है.

उन्होंने पढ़े लिखे लोगों से बच्चों को पढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा कि पढ़े लिखे लोगों को सप्ताह में कम से कम एक दिन बच्चों को पढ़ाना चाहिए और देश निर्माण में सहयोग करना चाहिए.

साथ चलने की बात करते हुए पीएम ने कहा कि हर किसी की शक्ति को जोड़कर चलने से हमारा देश काफी आगे जा सकता है. राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करने के लिए सभी के साथ की जरूरत है.

छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए पीएम ने जापान की शिक्षा प्रणाली के बारे में भी बताया और कहा कि वहां बच्चे पढ़ते नहीं सीखते हैं. वहां के छात्रों में गजब का अनुशासन है. जापान में छात्र और शिक्षक मिलकर साफ-सफाई करते हैं जबकि हमारे देश में ऐसा नहीं है. उन्होंने कहा कि बच्चों को डिग्री के साथ हुनर भी सीखना चाहिए.

भारत के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस को शिक्षक के रुप में मनाया जाता है. पीएम के इस कार्यक्रम का देशभर के स्कूलों में सीधा प्रसारण किया गया जिसके लिए स्कूलों में विशेष इंतज़ाम किए गए थे.

मणिपुर के एक छात्र निक्सन ने प्रधानमंत्री से पूछा कि मैं पीएम कैसे बन सकता हूं? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि देश की जनता का प्यार और विश्वास जीत कर कोई भी पीएम बन सकता है. उन्होंने कहा कि जो प्रधानमंत्री बनना चाहे वो 2024 की तैयारी करे और उन्हें 2014 तक कोई खतरा नहीं है. प्रधानमंत्री के इस बयान के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं.