संघर्ष विराम उल्लंघन पर चुप क्यों हैैं पीएम: विपक्ष

RSTV Bureau

kashmir_firingपाकिस्तान की ओर से सीमा पर संघर्ष विराम के उल्लंघन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी चुप्पी के चलते विपक्ष के निशाने पर आ गये हैं. महाराष्ट्र और हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव के चलते प्रधानमंत्री मोदी दोनों राज्यों में ताबड़-तोड़ रैलियां कर रहे हैं लेकिन इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की ओर से अब तक कोई बयान नहीं आया है.

विधानसभा चुनाव तक भाजपा की सहयोगी रही शिवसेना ने इसी मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर ज़ोरदार हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को महाराष्ट्र नहीं बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान की क्रूरता पर ध्यान देना चाहिए.

सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि उन्हें महाराष्ट्र नहीं बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान की क्रूरता रोकने पर ध्यान देना चाहिए.

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में मोदी पर जमकर हमला बोला है. सामना में छपे संपादकीय के मुताबिक मोदी सरकार, सीमा पार से लगातार हो रही फायरिंग को रोकने में नाकामयाब साबित हो रही है. अखबार में कहा गया है कि देश की रक्षा करने के लिए सिर्फ छप्पन इंच के सीने की ही जरूरत नहीं होती बल्कि दृढ़ संकल्प के साथ एक मजबूत इच्छा शक्ति का होना भी अनिवार्य है.

वहीं बुधवार को कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा था कि सीमा पार से लगातार हो रही गोलीबारी से ये साबित हो गया कि प्रधानमंत्री का सीना 56 इंच से घटकर मात्र 5.6 इंच का रह गया है.

समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायाम सिंह यादव ने भी इस मसले पर प्रधानमंत्री मोदी को घेरते हुए कहा कि अब यह बात साबित हो गई है कि जो सिर्फ़ गरजते हैं बरसते नहीं.

कभी मोदी की तारीफ़ में कसीदे पढ़ने वाले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने भी प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा. एक प्रमुख अखबार के मुताबिक राज ने कहा कि क्या आप इस बात पर यकीन कर सकते हैं की प्रधानमंत्री महाराष्ट्र में 23 रैलियां कर रहे हैं. उन्होनें प्रधानमंत्री को सुझाव देते हुए कहा कि पीएम को अपना समय देशहित के कामों जैसे सीमा पर ज़ारी गतिरोध को देना चाहिए.

दरअसल लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी रैलियों में लगातार 56 इंच के सीना और पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात कहते रहे हैं.

गौरतलब है कि 1 अक्टूबर से अब तक सीमा पार से लगातार हो रही गोलीबारी में सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 60 लोग घायल हुए हैं.