गणतंत्र दिवस समारोह में दिखी महिला सशस्त्रीकरण की झलक

RSTV Bureau

women-empowerment266वें गणतंत्र दिवस समारोह महिला सशस्त्रीकरण पर केंद्रित था. पहली बार गणतंत्र दिवस समारोह में महिलाओं को इतनी संख्या में जगह दी गई और महिला दस्ते की अगुआई में परेड की शुरुआत हुई.

इस वर्ष की गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य आर्कषण भारतीय गणतंत्र के इतिहास में पहली बार महिला अफसरों की नेतृत्व में तीनों सेनाओं का महिलाओं की टुकड़ियों का मार्च रहा.

झांकियों में भी महिला सशस्त्रीकरण को दर्शाया गया था. भारतीय नौ सेना की झांकी में महिला शक्ति का प्रदर्शन किया गया. इसमें वे चार महिला अधिकारी शामिल थी, जिन्होंने भारतीय नौसेना के पोत महादेई में गोवा से लेकर ब्राजील के रियो-डी-जेनेरियो तक समुद्र की विषमताओं का बहादुरी से सामना करते हुए समुद्री यात्रा में हिस्सा लिया था.

राजपथ पर एवरेस्ट की चढ़ाई करने वाली महिला सैनिको के दस्ते को देख गणमान्य लोग सहित आम लोगों तलियों के साथ उनका स्वागत किया.

मानव संशाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और जल संशाधन मंत्री उमा भारती महिला अफसरों के दस्ते का देख खड़े होकर उनका तालियां बजाकर उत्साह वर्धन करती नज़र आयीं.

थल सेना के महिला दस्ते की अगुवाई कैप्टन दिव्या अजीत, जल सेना के महिला दस्ते का नेतृत्व ले. कमांडर संध्या चौहान और वायु सेना के महिला दस्ते की अगुवाई स्नेहा शेखावत ने की.

महिला सैनिको के दस्तों में कुल 148 महिला सैनिकों ने भाग लिया जिसमें तीनों सेनाओ की महिला सैनिक शामिल थी.

रविवार को भी भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर पूजा ठाकुर ने राष्ट्रपति भवन में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के स्वागत समारोह के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर की अगुवाई करते हुए इतिहास रचा था.

वह राष्ट्रपति भवन में किसी राजकीय मेहमान को दिए गए गार्ड ऑफ ऑनर का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनी थीं.