सैफई महोत्सव ग्रामीण खेलों को बचाने की मुहिम: तेज प्रताप

Vimal Chauhan

saifai_festival26 दिसम्बर से शुरु हुआ सैफई महोत्सव वीरवार शाम रंगारंग कार्यक्रमों के साथ सम्पन्न हो गया.

महोत्सव के अखिरी दिन बॉलीवुड स्टार रितिक रोशन, जैकलीन फर्नांडिस, परिणीति चोपड़ा, हुमा कुरैशी सहित कई कलाकारों ने धमाकेदार परफॉर्मेंस दी. खचाखच भरे स्टेडियम में लगभग 20 हजार दर्शकों ने सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रमों का लुत्फ़ उठाया.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. हवाई पट्टी पर महोत्सव समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव और संयोजक सांसद तेजप्रताप सिंह यादव ने सितारों को गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया.

रितिक रोशन, परिणीति चोपड़ा, हुमा कुरैशी, जैकलीन फर्नांडिस, अर्जित सिंह, अर्जुन सवलोक, श्यामक डावर, ऋचा चड्ढा, कनिका कपूर, रिया, नताशा और लीसा लिवारीन सहित करीब एक दर्जन बॉलीवुड सितारों ने महोत्सव के अखिरी दिन अपनी परफॉर्मेंस दी.

मेले का रहता है साल भर इंतजार

कई दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव का एक विशेष आकर्षण यहां लगने वाला मेला भी था जिसमें ग्रामीण जीवन से लेकर शहरी जीवन की तमाम चीजें सस्ते और अच्छे दामों पर मौजूद थीं.

खरीदारी करती महिलाओं से जब इस महोत्सव और मेले के बारे में जनना चाहा था तो उनका कहना था कि उनको इस मेले का साल भर इंतज़ार रहता है क्योंकि यही वो जगह है जहां आसानी से हर चीज़ मिल जाती है चाहे वह छोटी सी छोटी बिंदी हो या फिर मंहगे से मंहगे कपड़े या अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं.

हालांकि मेले में कॉफी की दुकान चलाने वाले राजेश थोड़े मायूस नज़र आये थे. जब उनसे हमने उनकी मायूसी के बारे में पूछा तो कहने लगे, भईया अबकी बार ना जाने का भाअयो की ठंड भी ठीक है लेकिन कॉफी बिक ही नहीं रही. लेकिन उम्मीद के साथ बोले की मेले के अखिरी दिन अच्छी कमाई के साथ टोटल बिजनैस ठीक रहेगा.

फिर विवाद

tejpratap_saifaiहर बार की तरह सैफई महोत्सव इस बार भी विरोधियों के निशानों पर रहा.

विरोधियों के सवालों पर पलटवार करते हुए मैनपुरी से सांसद और आयोजन समिति के संयोजक तेजप्रताप यादव ने सैफई महोत्सव को ग्रामीण खेलों को बचाने की मुहिम बताया.

सैफई महोत्सव पर बात करते हुए तेजप्रताप यादव ने बताया कि रणवीर सिंह स्मृति सैफई महोत्सव की शुरुआत मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में वर्ष 2006 में ग्रामीण संस्कृति और खेलों को बचाने के लिए हुई थी.

रंगारंग प्रस्तुतियों पर खर्च को निशाना बनाए जाने के सवाल को उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि खेलकूद के 15 दिन के आयोजनों पर कोई ख़बर नहीं छापता लेकिन रंगारंग कार्यक्रमों के साथ होने वाले समापन में सबको तकलीफ़ होने लगती है. यह लोगों की कुंठा और संकीर्णता ही है.

14 दिनों तक चलने वाले महोत्सव के कार्यक्रम पर बात करते हुए तेजप्रताप ने कहा कि अगर आप महोत्सव के 14 दिन के कार्यक्रम की बात करें तो लुप्त हो रहे फाग, लोक गीत, बृज नृत्य सहित कई ग्रामीण पृष्ठभूमि के कार्यक्रम महोत्सव का अहम हिस्सा रहे लेकिन शायद ही कोई इन पर बात करे.

खेलों की उपयोगिता पर बात करते हुए तेजप्रताप यादव ने कहा कि वैसे तो हमारे देश में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन करने की बात की जाती है लेकिन महोत्सव में अगर मुख्यमंत्री ने साइकिल चला कर लोगों को जागरुक किया तब दिक्कत है, हमारे देश को खेलों में सबसे ज्यादा मेडल कुश्ती में मिलते हैं और इस खेल का भी आयोजन महोत्सव हुआ जिसमें विशेष रुप से नेताजी ने स्वयं हिस्सा लिया.