नदी कथाः अंधी संभावनाओं का दलदल

Abhay Mishra
नाव चलाते-चलाते अचानक स्थानीय साथी मान्या बोलते है इस समय हम लोग मेरे खेत के ऊपर से गुजर रहे है. फिर धीरे से मुस्कराते है उनकी मुस्कराहट पूरी तरह

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