Vice President greets the nation on the eve of Republic Day

RSTV Bureau
Vice President M Venkaiah Naidu

File photo: Vice President M Venkaiah Naidu

The Vice President, Shri M. Venkaiah Naidu wished the people on the eve of Republic Day. Following is the full text of his message –

“I convey my warm greetings and best wishes to all our citizens on the happy occasion of Republic Day Celebrations.

On this occasion we should reaffirm our commitment towards the Constitution and founding principles of our Republic based on the cherished ideals of liberty, equality, fraternity and justice for all. Our Constitutional values are the basic principles for creation of an enlightened citizenship that is essential for deepening our democratic roots.

Today, India is a country that is brimming with potential, surging ahead on the path of all round development that is inclusive and sustainable. Our democracy is vibrant and our commitment to good governance and transparency is stronger than ever before. On this auspicious day, let us renew our pledge to uphold the country’s civilizational ideals and constitutional values and dedicate ourselves to building an inclusive, peaceful, harmonious and progressive India.

On this joyous day, let us celebrate the achievements of our Republic and solemnly resolve to dedicate ourselves towards building a more self-confident and self-reliant India that continues its age-old tradition of contributing to world peace and inclusive sustainable development.”

Following is the Hindi version of the Vice President’s message:

“मैं गणतंत्र दिवस समारोह के इस आनंदपूर्ण अवसर पर अपने देश के समस्त नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ देता हूँ।

इस अवसर पर हमें संविधान तथा स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और सभी के लिए न्याय के पोषित आदर्शों पर आधारित हमारे गणतंत्र के आधारभूत सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराना चाहिए। हमारे संवैधानिक मूल्य प्रबुद्ध नागरिकों के सृजन हेतु वे मूलभूत सिद्धान्त हैं जो हमारी लोकतांत्रिक जड़ों को और मजबूत बनाने के लिए अनिवार्य हैं।

आज, भारत एक ऐसा देश है जो संभावनाओं से परिपूर्ण है और यह सर्वांगीण विकास के ऐसे मार्ग पर अग्रसर हो रहा है जो सकल समावेशी और संपोषणीय है। हमारा लोकतंत्र जोशपूर्ण है और सुशासन और पारदर्शिता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ है। इस शुभ दिवस पर, आइए हम देश के सभ्यतागत आदर्शों और संवैधानिक मूल्यों को कायम रखने के अपने संकल्प को दोहराएँ और एक सकल समावेशी, शांतिपूर्ण, समरसतापूर्ण और प्रगतिगामी भारत का निर्माण करने के प्रति स्वयं को समर्पित करें।

आइए, इस आनंदपूर्ण दिवस पर हम अपने गणतंत्र की उपलब्धियों का गुणगान करें और एक पहले से अधिक आत्म-विश्वासी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रति स्वयं को समर्पित करने का निष्ठापूर्वक संकल्प लें जो विश्व शांति और समावेशी संपोषणीय विकास में योगदान देने की अपनी प्राचीन परंपरा को जारी रखे हुए है।“