भारत के आगे खिताब बचाने की चुनौती, पाक से पहला मुकाबला

Anugrah Mishra

dhoni_cricketआगे की कहानी धोनी के उस छक्के से शुरू होगी जिसके बाद मुंबई के वानखेड़े में इतिहास रचा गया था. भारतीय क्रिकेट टीम ने साल 2011 में 28 साल बाद विश्व कप जीता और कई नए कीर्तिमान अपने नाम कर लिए.

क्रिकेट का अगला अध्याय लिखने को बेताब भारतीय टीम, पाकिस्तान से दो-दो हाथ करने रविवार को उतरेगी. मुंबई से मेलबर्न तक काफी कुछ बदल गया है. भारतीय उपमहाद्वीप की धीमी पिचों के मुकाबले अब बारी अॉस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की तेज पिचों की है. क्रिकेट के सरताज सचिन, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं और पिछले विश्व कप के हीरो युवराज सिंह इस बार टीम का हिस्सा नहीं हैं.

14 फरवरी से 11वें क्रिकेट विश्व कप का आगाज़ हो गया. ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की संयुक्त मेज़बानी में ये विश्व कप खेला जाएगा. विश्व कप में 14 टीमें हिस्सा लेंगी. भारतीय टीम को पूल बी में रखा गया है, जिसमें दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान और वेस्टइंडीज जैसी टीमों से भारतीय टीम लीग मैच खेलेगी.

पूल ए में मेज़बान ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड के अलावा श्रीलंका, इंग्लैंड और बांग्लादेश को रखा गया है. देश भर के क्रिकेट प्रेमियों की नज़र रविवार को भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले मेगा मुकाबले पर है.

भारतीय टीम को 2011 के विश्व कप के मुकाबले कमतर आंका जा रहा है. टीम में शामिल 12 खिलाड़ी ऐसे हैं जो पहली बार विश्व कप में हिस्सा ले रहे हैं. इस बार टीम से सलामी बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग को बाहर रखा गया है. बल्लेबाज़ी में गौतम गंभीर और यूसुफ पठान भी टीम का हिस्सा नहीं हैं.

गेंदबाजी में अनुभवी ज़हीर खान और हरभजन सिंह को 2015 की टीम में जगह नहीं दी गई. ईशांत शर्मा को टीम में चुना गया था लेकिन चोटिल होने की वजह से उनकी जगह मोहित शर्मा को मौका मिला है.

सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सेहवाग, गौतम गंभीर, युवराज सिंह, ज़हीर खान और हरभजन की जगह टीम के नए चेहरों ने ली है. 21 वर्षीय अक्षर पटेल टीम का सबसे युवा चेहरा हैं. बायें हाथ के इस बल्लेबाज़ ने 13 एकदिवसीय मैच खेले हैं, जिनमें कुल 41 बनाए हैं. हालांकि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पटेल का प्रदर्शन बेहतर है.

भारत के लिए रोहित शर्मा और शिखर धवन सलामी जोड़ी की भूमिका में दिख सकते हैं. वहीं मध्यक्रम में विराट कोहली, सुरेश रैना और अजिंक्य रहाणे की तिकड़ी है. फिनिशर के तौर पर कप्तान धोनी और रविंद्र जडेजा की भूमिका अहम रहेगी.

गेंदबाजी की अगुवाई मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर को मिल सकती है. साथ में स्टूअर्ट बिन्नी, आर अश्विन को रविंद्र जडेजा का साथ मिल सकता है. ज़ाहिर अंतिम 11 में गेंदबाज़ी का क्रम परिस्थितियां तय करेंगी.

टीम के प्रदर्शन में रोहित शर्मा और विराट कोहली की बड़ी भूमिका रहेगी. दोनों ही युवाओं ने कई मौकों पर अपनी बल्लेबाज़ी का लोहा मनवाया है. विश्व कप में दोनों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है. इनके अलावा सुरेश रैना मध्य क्रम में कीमती साबित हो सकते हैं.

कप्तान धोनी इस बार टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी होंगे. धोनी के तरकश में अनुभव के तीर भले ही न हों लेकिन उनके पास युवा जोश भरपूर है. धोनी ने कई मौकों पर खुद तो कभी टीम के प्रदर्शन से मैच का पासा पलटा है इस लिहाज से धोनी इस युवा टीम पर भी बड़ा दांव खेलने को तैयार हैं.

अनिश्चितताओं के इस खेल में आखिरी बाज़ी कौन जीतेगा ये तो मैच के नतीजे ही बतायेंगे. भारतीय जांबाज़ों की पहली परीक्षा रविवार को एडिलेड में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले मुकाबले से होगी. भारत के लिए राहत और मनोबल की बात इतनी सी ज़रूर है कि विश्व कप के इतिहास में वो अपने चिरप्रतिद्वंदी पाकिस्तान से अपराजित रहा है.